झारखंड विधानसभा होगी पेपरलेस

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झारखंड विधानसभा होगी पेपरलेस

झारखंड विधानसभा होगी पेपरलेस, CM हेमंत सोरेन ने किया NeVA सेवा केंद्र का उद्घाटन

डिजिटल लोकतंत्र की ओर बड़ा कदम

झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। राज्य की विधानसभा अब पेपरलेस होने जा रही है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने हाल ही में National e-Vidhan Application (NeVA) सेवा केंद्र का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही Jharkhand Vidhan Sabha डिजिटल युग में प्रवेश कर गई है।

यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण, समय की बचत और कार्यक्षमता में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।


क्या है NeVA (National e-Vidhan Application)?

NeVA यानी National e-Vidhan Application एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत की विधानसभाओं को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य है –

  • विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल बनाना

  • प्रश्नोत्तर, विधेयक और दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराना

  • सदस्यों को टैबलेट/डिजिटल डिवाइस के माध्यम से जानकारी देना

  • पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना

यह पहल ‘One Nation, One Application’ की सोच पर आधारित है, जिससे देश की सभी विधानसभाएं एक समान डिजिटल ढांचे में काम कर सकें।


झारखंड विधानसभा में क्या बदलेगा?

1. पेपरलेस कार्यवाही

अब विधायकों को भारी-भरकम फाइलें और कागजी दस्तावेज साथ लेकर नहीं चलना पड़ेगा। सभी एजेंडा, प्रश्न, विधेयक और संशोधन डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगे।

2. डिजिटल प्रश्नोत्तर प्रणाली

सदस्य अपने प्रश्न ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे और संबंधित विभाग भी डिजिटल तरीके से जवाब अपलोड करेंगे।

3. लाइव अपडेट और रिकॉर्ड

सत्र की पूरी कार्यवाही रियल टाइम में रिकॉर्ड होगी और सुरक्षित डिजिटल आर्काइव में संग्रहीत रहेगी।

4. पर्यावरण संरक्षण

कागज की खपत में भारी कमी आएगी, जिससे हर साल हजारों पेड़ों को बचाया जा सकेगा।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि यह कदम झारखंड को डिजिटल इंडिया मिशन के साथ मजबूती से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल विधानसभा पारदर्शिता, जवाबदेही और तेज़ प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे सरकारी प्रक्रियाएं तेज होंगी और जनता तक सूचनाएं शीघ्र पहुंचेंगी।


डिजिटल इंडिया और झारखंड

भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत NeVA परियोजना शुरू की गई है। झारखंड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने डिजिटल विधान प्रक्रिया को अपनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

इससे पहले कई अन्य राज्यों में भी NeVA को लागू किया जा चुका है, लेकिन झारखंड में इसका लागू होना राज्य की प्रशासनिक आधुनिकता का प्रतीक माना जा रहा है।


विधायकों को मिलेगी डिजिटल ट्रेनिंग

पेपरलेस प्रणाली को सफल बनाने के लिए सभी विधायकों और विधानसभा कर्मचारियों को डिजिटल ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • टैबलेट और लैपटॉप का उपयोग

  • NeVA पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया

  • डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन

  • साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

इससे यह सुनिश्चित होगा कि तकनीक का उपयोग प्रभावी और सुरक्षित तरीके से किया जा सके।


जनता को क्या लाभ होगा?

1. पारदर्शिता

जनता विधानसभा की कार्यवाही और विधेयकों को ऑनलाइन देख सकेगी।

2. सूचना की आसान उपलब्धता

महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रश्नोत्तर रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे।

3. समय और संसाधनों की बचत

सरकारी प्रक्रियाएं तेज होंगी और लागत कम होगी।


पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम

पेपरलेस विधानसभा का मतलब है –

  • लाखों पन्नों की बचत

  • प्रिंटिंग लागत में कमी

  • कार्बन फुटप्रिंट में कमी

  • हरित प्रशासन की दिशा में प्रगति

झारखंड जैसे वनसमृद्ध राज्य के लिए यह कदम विशेष महत्व रखता है।


तकनीकी चुनौतियां और समाधान

हालांकि डिजिटल परिवर्तन आसान नहीं होता, लेकिन सरकार ने इसके लिए ठोस तैयारी की है।

संभावित चुनौतियां:

  • इंटरनेट कनेक्टिविटी

  • साइबर सुरक्षा खतरे

  • तकनीकी समझ की कमी

समाधान:

  • हाई-स्पीड नेटवर्क

  • सुरक्षित सर्वर

  • नियमित आईटी सपोर्ट

  • निरंतर प्रशिक्षण


विपक्ष की प्रतिक्रिया

कुछ विपक्षी नेताओं ने इस पहल का स्वागत किया है, जबकि कुछ ने तकनीकी तैयारियों पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विधायकों को डिजिटल प्रणाली अपनाने में समय लग सकता है।

हालांकि अधिकांश राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भविष्य की जरूरत है।


झारखंड के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक?

  • राज्य की प्रशासनिक छवि मजबूत होगी

  • निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

  • तकनीकी रूप से सशक्त शासन

  • युवा पीढ़ी को डिजिटल लोकतंत्र का अनुभव


भविष्य की योजनाएं

सरकार की योजना है कि आगे चलकर –

  • सभी विभागों को पूर्णतः ई-गवर्नेंस से जोड़ा जाए

  • विधानसभा की मोबाइल ऐप विकसित की जाए

  • डिजिटल आर्काइव को सार्वजनिक पोर्टल से लिंक किया जाए


निष्कर्ष

झारखंड विधानसभा का पेपरलेस होना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री Hemant Soren द्वारा NeVA सेवा केंद्र का उद्घाटन डिजिटल लोकतंत्र की दिशा में मजबूत कदम है।

यह पहल प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण तीनों मोर्चों पर लाभकारी सिद्ध होगी।

झारखंड अब उस दिशा में बढ़ चुका है जहां लोकतंत्र और तकनीक साथ-साथ चलेंगे। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

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