₹90 के शेयर से ₹12 सालाना कमाई! हाई डिविडेंड स्टॉक में छिपा लॉन्ग टर्म फायदा
शेयर बाजार में निवेश का नाम आते ही ज़्यादातर लोग तेज़ रिटर्न, मल्टीबैगर स्टॉक या इंट्राडे ट्रेडिंग की बात करने लगते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ऐसे भी होते हैं जो डिविडेंड इनकम को एक स्थायी और सुरक्षित कमाई का जरिया मानते हैं।
आज हम आपको एक ऐसे ही कम चर्चित निवेश विकल्प के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जहां करीब ₹90 के निवेश पर सालाना ₹12 तक का डिविडेंड मिलता है और यह शेयर शेयर बाजार में नियमित रूप से ट्रेड भी होता है।
- ₹90 के शेयर से ₹12 सालाना कमाई! हाई डिविडेंड स्टॉक में छिपा लॉन्ग टर्म फायदा शेयर बाजार में निवेश का नाम आते ही ज़्यादातर लोग तेज़ रिटर्न, मल्टीबैगर स्टॉक या इंट्राडे ट्रेडिंग की बात करने लगते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ऐसे भी होते हैं जो डिविडेंड इनकम को एक स्थायी और सुरक्षित कमाई का जरिया मानते हैं।आज हम आपको एक ऐसे ही कम चर्चित निवेश विकल्प के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जहां करीब ₹90 के निवेश पर सालाना ₹12 तक का डिविडेंड मिलता है और यह शेयर शेयर बाजार में नियमित रूप से ट्रेड भी होता है।
- डिविडेंड क्या होता है? (Dividend Meaning in Hindi)
- ₹90 के शेयर पर ₹12 का डिविडेंड कैसे संभव है?
- ऐसे स्टॉक्स आम निवेशकों की नजर से क्यों छूट जाते हैं?
- डिविडेंड देने वाली कंपनियां इतनी मजबूत क्यों होती हैं?
- ₹90 के शेयर में निवेश करने के फायदे
- 10 साल में ₹90 वाला शेयर आपको कहां पहुंचा सकता है?
- डिविडेंड इनकम बनाम सैलरी इनकम
- ऐसे हाई डिविडेंड शेयर कैसे पहचानें?
- क्या इसमें जोखिम भी है?
- छोटे निवेशकों के लिए बेस्ट स्ट्रैटेजी
- क्यों कहते हैं एक्सपर्ट – “डिविडेंड ही असली कमाई है”
- निष्कर्ष (Conclusion)
हैरानी की बात यह है कि इस तरह के स्टॉक्स के बारे में 99% निवेशक जानते ही नहीं, जबकि लंबे समय में यही रणनीति आपको फाइनेंशियल फ्रीडम की ओर ले जा सकती है।
डिविडेंड क्या होता है? (Dividend Meaning in Hindi)
डिविडेंड किसी कंपनी द्वारा अपने मुनाफे का एक हिस्सा अपने शेयरधारकों को देने की प्रक्रिया है।
जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं। अगर कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है, तो वह:
कैश डिविडेंड
बोनस शेयर
स्पेशल डिविडेंड
के रूप में अपने निवेशकों को रिवॉर्ड देती है।
👉 सीधे शब्दों में:
डिविडेंड = बिना शेयर बेचे मिलने वाली कमाई
₹90 के शेयर पर ₹12 का डिविडेंड कैसे संभव है?
अब सवाल उठता है कि आखिर ₹90 के शेयर पर ₹12 का डिविडेंड कैसे मिल सकता है?
इसका जवाब है – Dividend Yield
Dividend Yield क्या होती है?
Dividend Yield =
(सालाना डिविडेंड ÷ शेयर की कीमत) × 100
उदाहरण के लिए:
शेयर की कीमत = ₹90
सालाना डिविडेंड = ₹12
तो Dividend Yield =
(12 ÷ 90) × 100 = 13.33%
👉 बैंक FD जहां 6–7% रिटर्न देती है, वहीं यहां 13%+ का कैश रिटर्न मिल रहा है।
ऐसे स्टॉक्स आम निवेशकों की नजर से क्यों छूट जाते हैं?
इसके पीछे कई कारण हैं:
1. कम शेयर प्राइस, कम चर्चा
₹50–₹100 के शेयरों को लोग अक्सर पेनी स्टॉक समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
2. मीडिया का फोकस मल्टीबैगर पर
टीवी और सोशल मीडिया पर हमेशा वही शेयर दिखाए जाते हैं जो
“2 महीने में पैसा डबल”
“₹10 का शेयर ₹100 बना”
जैसी हेडलाइंस बनाते हैं।
3. डिविडेंड को बोरिंग समझना
ज़्यादातर नए निवेशक डिविडेंड को धीमी कमाई मानते हैं, जबकि असल में यह सबसे स्थिर इनकम होती है।
डिविडेंड देने वाली कंपनियां इतनी मजबूत क्यों होती हैं?
जो कंपनियां लगातार डिविडेंड देती हैं, उनमें कुछ खास बातें होती हैं:
स्थिर बिजनेस मॉडल
रेगुलर कैश फ्लो
कम कर्ज
मैनेजमेंट पर भरोसा
लंबे समय से मुनाफा
यही वजह है कि ऐसी कंपनियां मार्केट क्रैश में भी खुद को संभाल लेती हैं।
₹90 के शेयर में निवेश करने के फायदे
1. कम पूंजी से शुरुआत
आप ₹900 में 10 शेयर खरीद सकते हैं और धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं।
🡆 रेगुलर कैश इनकम
हर साल मिलने वाला डिविडेंड आपकी जेब में सीधा कैश लाता है।
🡆 कंपाउंडिंग का फायदा
डिविडेंड से फिर से शेयर खरीदने पर कंपाउंडिंग शुरू हो जाती है।
🡆 लॉन्ग टर्म वेल्थ
समय के साथ शेयर की कीमत बढ़े तो डबल फायदा –
डिविडेंड + कैपिटल गेन
10 साल में ₹90 वाला शेयर आपको कहां पहुंचा सकता है?
मान लीजिए:
आपने ₹90 के भाव पर 1000 शेयर खरीदे
कुल निवेश = ₹90,000
सालाना डिविडेंड = ₹12 प्रति शेयर
सालाना डिविडेंड इनकम:
₹12 × 1000 = ₹12,000
10 साल में:
₹12,000 × 10 = ₹1,20,000
👉 यानी आपने जितना लगाया, उससे ज्यादा सिर्फ डिविडेंड से कमा लिया
और शेयर अब भी आपके पास हैं।
डिविडेंड इनकम बनाम सैलरी इनकम
| तुलना | डिविडेंड इनकम | सैलरी इनकम |
|---|---|---|
| काम करना | नहीं | जरूरी |
| टैक्स प्लानिंग | बेहतर | सीमित |
| समय की आज़ादी | ज्यादा | कम |
| रिस्क | मध्यम | नौकरी पर निर्भर |
ऐसे हाई डिविडेंड शेयर कैसे पहचानें?
अगर आप खुद ऐसे शेयर ढूंढना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
⏩ Dividend Yield 8% से ज्यादा
लेकिन बहुत ज्यादा (20–25%) भी खतरे का संकेत हो सकता है।
⏩ Payout Ratio
कंपनी अपने मुनाफे का कितना हिस्सा डिविडेंड में दे रही है।
⏩ लगातार डिविडेंड हिस्ट्री
कम से कम 5–10 साल का रिकॉर्ड देखें।
⏩ कर्ज कम हो
High Debt = Future में डिविडेंड कटने का खतरा
क्या इसमें जोखिम भी है?
हाँ, शेयर बाजार में 100% सुरक्षित कुछ भी नहीं होता।
संभावित जोखिम:
कंपनी का मुनाफा घट सकता है
डिविडेंड कम या बंद हो सकता है
शेयर प्राइस गिर सकता है
👉 इसलिए एक ही शेयर में पूरा पैसा न लगाएं।
छोटे निवेशकों के लिए बेस्ट स्ट्रैटेजी
⏩SIP की तरह हर महीने शेयर खरीदें
⏩डिविडेंड को दोबारा निवेश करें
⏩5–10 साल का नजरिया रखें
⏩अफवाहों से दूर रहें
क्यों कहते हैं एक्सपर्ट – “डिविडेंड ही असली कमाई है”
वॉरेन बफेट जैसे निवेशक भी मानते हैं कि:
“अगर कोई कंपनी आपको सालों तक कैश देती रहे,
तो शेयर की कीमत अपने आप मायने रखने लगती है।”
डिविडेंड निवेश आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव से मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
₹90 के निवेश पर सालाना ₹12 का डिविडेंड देने वाले शेयर
दिखने में साधारण
लेकिन असर में बेहद ताकतवर
ऐसे स्टॉक्स उन लोगों के लिए हैं जो
जल्दी अमीर नहीं
बल्कि लंबे समय तक अमीर रहना चाहते हैं।
अगर आप भी शेयर बाजार में शांत, स्थिर और भरोसेमंद कमाई चाहते हैं, तो डिविडेंड आधारित निवेश को नजरअंदाज करना आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
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